Kids Poem in Hindi | Child Poem in Hindi | बच्चों की कविताएं

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Kids Poem in Hindi | Child Poem in Hindi | बच्चों की कविताएं

Kids Poem in Hindi – इस आर्टिकल में बच्चों के लिए सबसे लोकप्रिय 10 हिन्दी कविता को यहाँ पर दिया गया हैं. यह Child Poem in Hindi की प्रसिद्ध कविताएँ हमलोगों के बच्चपन की याद दिला देती हैं.

यहाँ पर जो Kids Poem in Hindi बच्चों की कविताएं प्रस्तुत की गई हैं. वह पूरी तरह से बच्चों के मनोविज्ञान के अनुरूप हैं. जो लोकप्रिय कवियों दुवारा लिखी गई हैं. यह कविताएँ बच्चों के लिए सरल और रूचिकर हैं.

आजकल अक्सर स्कूल में बच्चों के लिए Kids Poem in Hindi कविता पाठ का आयोजन होता हैं. उन बच्चों के लिए यहाँ पर दी गई कविताओं से काफी मदद मिलेगी.

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बच्चों की कविताएं, Kids Poem in Hindi, Child Poem in Hindi

 

(1) Chidiya ke Bachhe Char – चिड़ियों के थे बच्चे चार

चिड़ियों के थे
बच्चे चार,
निकले घर से
पंख पखार।

पूरब से
पश्चिम को आए,
उत्तर से
दक्षिण को जाएं।

उत्तर दक्षिण
पूरब पश्चिम,
देख लिया
हमने जग सारा।

अपना घर
खुशियों से भरा,
सबसे न्यारा
सबसे प्यारा।

 

(2) Titli Rani Badi Sayani – तितली रानी बड़ी सयानी

तितली रानी बड़ी सयानी,
रंग बिरंगे फूलों पर जाती है।

फूलों से रंग चुरा कर,
अपने पंखों को सजाती है।

कोई हाथ लगाए,
तो छूमंतर हो जाती है।

पंखों को फड़फड़ा कर,
हर फूल पर वो मंडराती है।

घूम-घूम कर सारे फूलों की,
खुशबू वो ले जाती है।

फूलों का मीठा रस पीकर,
दूर जाकर पंखों को सहलाती है।

रंग बिरंगी तितली रानी,
बड़ी सयानी।

 

(3) Child Poem in Hindi, बच्चों की कविताएं

रोज सुबह सूरज आसमान में आकर,
हम सबको नींद से जगाता है।

शाम हुई तो लाली फैलाकर,
अपने घर को चला जाता है।

दिन भर खुद को जला जलाकर,
यह प्रकाश फैलाता है।

कभी नहीं करता आलस्य,
रोज नियम से समय पर आता जाता।

कभी नहीं करता है घमंड,
बादलों के संग भी लुकाछिपी खेलता है।

उसका जीना ही जीना है,
जो काम सभी के आता है।

(4) Chuk Chuk Karti Rail Gadi Aayi – छुक छुक करती रेलगाड़ी आयी

छुक छुक करती रेलगाड़ी आयी,
पो पो पी पी सीटी बजाती आयी,
इंजन है इसका भारी-भरकम।

पास से गुजरती तो पूरा स्टेशन हिलाती,
धमधम धमधम धमधम धमधम,
पहले धीरे धीरे लोहे की पटरी पर चलती।

फिर तेज गति पकड़ कर छूमंतर हो जाती,
लाल बत्ती पर रुक जाती,
हरी बत्ती होने पर चल पड़ती।

देखो देखो छुक छुक करती रेलगाड़ी,
काला कोट पहन टीटी इठलाता,
सबकी टिकट देखता फिरता।

भाग भाग कर सब रेल पर चढ जाते,
कोई टूट न पाए इसलिए,
रेलगाड़ी तीन बार सीटी बजाती।

छुक छुक करती रेलगाड़ी आयी।

 

(5) Aao Hum Sab Jhula Jhule – आओ हम सब झूला झूलें

आओ हम सब झूला झूलें
पेंग बढ़ाकर नभ को छूलें

है बहार सावन की आई
देखो श्याम घटा नभ छाई

अब फुहार पड़ती है भाई
ठंडी – ठंडी अति सुखदायी

आओ हम सब झूला झूलें
पेंग बढ़ाकर नभ को छूलें

कुहू – कुहू कर गाने वाली
प्यारी कोयल काली – काली

बड़ी सुरीली भोली – भाली
गाती फिरती है मतवाली

हम सब भी गाकर झूलें
पेंग बढ़ाकर नभ को छूलें

मोर बोलता है उपवन में
मास्त हो रहा है नर्तन में

चातक भी बोला वन में
आओ हम सब झूला झूलें
पेंग बढ़ाकर नभ को छूलें

 

(6) Ek Bar Phir Se Jay Bolo – एक बार फिर से जय बोलो

एक बार फिर से जय बोलो
प्यारे हिन्दुस्तान की

जिसकी मिट्टी सोना देती
धरती है भगवान् की

दया – धर्म की शिक्षा मिलती
जन्म भूमि इंसान की

गाँव गाँव में नदियाँ बहती
ज्वाला जलती मान की

गीतों की फुलझरियां हंसती
बढ़ी शान ईमान की

एक बार फिर से जय बोलो
प्यारे हिन्दुस्तान की

जहाँ चमन है बाग बगीचा
बियाबान खलिहान भी

ऊँचा पर्वत चौड़ी खायी
जल थल है गतिवान भी

एक बार फिर से जय बोलो
प्यारे हिन्दुस्तान की

 

(7) Kids Poem in Hindi – इब्न बतूता पहन के जूता

इब्न बतूता पहन के जूता,
निकले है बड़ी शान से।

रास्ते में आया तूफान,
थोड़ी हवा नाक में घुस गई,
घुस गई थोड़ी कान में।

आंखों में मिट्टी फंस गई,
कभी नाक, कभी कान,
तो कभी आंख मलते इब्न बतूता।

इस बीच निकल पड़ा उनका जूता,
उड़ता उड़ता जा पहुंचा जापान में,
गिर पड़े संभल ना पाए।

इब्न बतूता देखते
रह गए आसमान में।

 

(8) DeKho Kalu Madari Aaya – देखो देखो कालू मदारी आया

देखो देखो कालू मदारी आया,
संग में अपनी बंदरिया लाया।

डम डम डम डम डमरू बजाया,
यह देख टप्पू चिंटू-पिंटू आया।

सुनीता पूजा बबीता आयी,
देखो देखो कालू मदारी आया।

फिर जोर-जोर से मदारी ने डमरू बजाया,
बंदरिया ने उछल कूद पर नाच दिखाया।

उल्टा पुल्टा नाच देख कर सब मुस्कुराए,
फिर सब ने जोर-जोर से ताली बजाई।

देखो देखो कालू मदारी आया,
संग में अपनी बंदरिया लाया।

(9) Gram Gram Ladoo Sa Suraj – गरम गरम लड्डू सा सूरज

गरम गरम लड्डू सा सूरज,
लिपटा बैठा लाली में,
सुबह सुबह रख आया कौन,
इसे आसमान की थाली मे।

मूंदी आँख खोली कलियों ने,
बागों में रंग बिरंगे फूल खिलाए,
चिड़ियों ने नया गान सुनाया,
भंवरों ने पंखों से ताली बजाई।

फुदक फुदक कर रंग बिरंगी,
तितलियों की टोली आई,
पंख फैलाकर मोर ने नाच दिखाएं,
तो कोयल ने भी कुक बजाई।

उठो उठो अब देर ना हो जाए,
कहीं सुबह की रेल निकल न जाए,
अगर सोते रह गए तो,
आगे नहीं बढ़ पाएंगे।

 

(10) Gol Gol Lal Tamatar – गोल गोल यह लाल टमाटर

गोल गोल यह लाल टमाटर
होते जिससे गाल टमाटर
खून बढ़ाता लाल टमाटर
फूर्ति लाल लाल टमाटर
स्वास्थ्या बनाता लाल टमाटर
मस्त बनाता लाल टमाटर
हम खाएँगे लाल टमाटर
बन जाएँगे लाल टमाटर.

(11)चुन्नू मुन्नू थे दो भाई, Chunnu Munnu Thhey Do Bhai

चुन्नू मुन्नू थे दो भाई,
रसगुल्ले पर हुई लड़ाई,
चुन्नू बोला मैं खाऊंगा,
मुन्नू बोला मैं खाऊंगा,
झगड़ा सुन कर मम्मी आई,
दोनों को एक चपत लगाई..
कभी न लड़ना – झगड़ना,
आपस में तुम मिलकर रहना |

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