आम आदमी प्यार से पढ़ेंगे अगर सरल भाषा में लिखा है। कठिन भाषा सिर्फ जनता को नहीं, बल्कि उनके सोच को भी घायल करते है।

अपने इंसानियत को ढूंढ ते हुए इंसान थक गए। कम से कम अपने  दिल को तो पूछो, ज्यादा दिमाग न लगाए।