ज़िन्दगी सस्ती है साहब, जीने के तरीके महंगे हैं..

Zindagi Sasti Hai Sahab, Jine Ke Tarike Mahange Hain..

सोचा था घर बना कर बैठूंगा सुकून से, पर घर की जरूरतों ने मुसाफिर बना दिया..

अजीब दस्तूर है जमाने का, अच्छी यादें पेन ड्राइव में, और बुरी यादें दिल में रखते है..

कोई खामोश ज़ख्म लगती है, ज़िन्दगी एक नज़्म लती है..

कैसे गुजर रही है, सब पूछते है, कैसे गुजारता हूं, कोई नही पूछता…

हाथ छूटें भी तो रिश्ते नहीं छोड़ा करते, वक़्त की शाख़ से लम्हे नहीं तोड़ा करते..

अब किसको दें अच्छा बनने का मशवरा, जब शराफत में हमें ही कुछ ना मिला..

Happy New Year 2022

क़्त रहता नहीं कहीं टिक कर, आदत इस की भी आदमी सी है..

Happy New Year 2022